क्लासमेट रेवती के साथ हॉट ग्रुप सेक्स स्टोरी: पहली बार की मदमस्त चुदाई
पढ़िए राहुल और उसके दोस्तों की सच्ची सेक्स स्टोरी, जहां क्लासमेट रेवती के साथ फार्महाउस पर होती है जोशीली चुदाई। गोरी स्लिम रेवती की पहली बार की मदहोश कर देने वाली ग्रुप सेक्स एडवेंचर, जिसमें सिसकारियां, चूमना और तीव्र ऑर्गेज्म शामिल हैं। हिंदी में पूरी कहानी पढ़ें और एक्साइटमेंट महसूस करें!
हेलो फ्रेंड्स!! मैं राहुल हूं। मेरी उम्र 22 साल है। मैं अभी धनबाद से डिप्लोमा कर रहा हूं। मेरी बॉडी फिजिक बहुत मस्त है। मैं गोरा, हट्टा-कट्टा, चौड़ा बदन वाला हूं और जिम बॉडी से परिपूर्ण हूं। ये उन दिनों की बात है जब मैं डिप्लोमा फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। मेरे क्लास में टोटल 60 स्टूडेंट्स थे, जिनमें 12 गर्ल्स थीं। उनमें से एक लड़की बहुत खूबसूरत थी, जिसका नाम रेवती था। मेरे क्लास में मेरे दो फ्रेंड्स थे, जिनके साथ मैं हर तरह की शैतानियां बैठे-बैठे सोचता था। एक का नाम पंकज था और दूसरे का नाम रोहन था। हम दोनों भी जिम बॉडी वाले, हैंडसम थे।
रेवती की उम्र 19 साल थी और उसकी हाइट 5’5″ थी। वो गोरी और स्लिम बॉडी वाली थी। उसका फिगर था – 34-28-32। उसकी स्माइल पर सब फिदा रहते थे। रेवती एक गदराया जिस्म थी छोटी सी उम्र में। यहां तक कि हमारे दो फैकल्टी ने भी उसे प्रपोज किया था। उसे देखकर सारे क्लास के लड़कों का कुंड हमेशा ठनका रहता था।
एक दिन हमारे क्लास का कल्चरल फेस्ट की तैयारी चल रही थी, जिसमें मुझे और रेवती को फेस्ट के कुछ गुड्स की शॉपिंग के लिए मार्केट जाना था। तब मैं और मेरे दोनों दोस्त पंकज और रोहन ने प्लान बनाया कि हम रेवती को रोहन की कार से लेकर पंकज के फार्महाउस पर ले जाएंगे, जहां हम सब मिलकर मजा करेंगे। लेकिन हमने ये तय किया कि सब कुछ उसकी मर्जी से होगा, क्योंकि हम जानते थे कि वो हमें पसंद करती है और कई बार हमें स्माइल देकर इशारे करती थी। हमने पहले से ही सारी तैयारी कर रखी थी। हम तीनों रेवती को अपने साथ लेकर निकल पड़े थे।
तब मैंने जानबूझकर बोला कि मुझे काफी गर्मी लग रही है, क्यों ना सॉफ्टड्रिंक्स पीकर आगे बढ़ते हैं। सबने हां कर दी। फिर मैं जाकर सबके लिए सॉफ्टड्रिंक्स लाया। सॉफ्टड्रिंक पीने के बाद रेवती की आंखें जोश से लाल हो गईं और उसे हल्का चक्कर सा आने लगा, लेकिन वो मुस्कुराती रही और बोली कि वो एक्साइटेड फील कर रही है। तब हमने उसे प्लान के अनुसार पंकज के फार्महाउस पर ले गए। वहां पहुंचते ही रेवती का सेक्सी मूड और ऊफान मारने लगा था। वो कार में ही सेक्सी हरकतें कर रही थी, जैसे कभी अपने लोअर लिप्स को दांतों से काट रही थी या फिर हमें सेक्सी निगाहों से देख रही थी।
फिर हम उसे कमरे में ले गए। कमरे में पहुंचकर रेवती ने एक आंख मारी हमारी तरफ। हम समझ गए कि वो तैयार है और खुद ही चाहती है कि हम उसके साथ इंटीमेट हों। हमने देर ना करते हुए जल्दी से अपने कपड़े खोले और उसे भी न्यूड कर दिया। उसके बाद हम बारी-बारी उसे चाटने, चूमने लगे। हर वक्त रेवती के मुंह से मदहोश करने वाली सिसकारियां निकलती थीं, जो हमारे लंड को डोला देती थीं। हम तीनों का लंड फुंफकार मार रहा था।
फिर मैंने अपना मुंह उसके मुंह से सटा कर उसे स्मूच करने लगा और पंकज उसकी चूत चाटने लगा, जबकि रोहन उसकी दाहिनी चूची को चूस रहा था और काट रहा था, और बायीं चूची से खेल रहा था। मेरी और रेवती की जीभ आपस में टकराकर ऐसी घूम रही थीं मानो दोनों डिस्को कर रही हों। अब रेवती का जिस्म सेक्स के कारण जल रहा था, उसे अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था। वो पागल होकर मेरे होंठों से अपना मुंह अलग कर चिल्लाने लगी, “ओह… रोहन, काट दो मेरी चूचियों को, खा जाओ इन्हें… ओह मेरे राजा पंकज, मेरी चूत को अपनी जीभ से फाड़ना बंद करो और मुझे चोदो!”
फिर हमने देर करना सही ना समझा और पंकज ने अपना 7 इंच लंबा और 1.5 इंच मोटा सुपारा रेवती की गुलाब की पंखुरियों जैसे लाल चूत पर रखा। उसके लंड का सुपारा जब उसकी चूत के होंठों से टकराया तो वो सिहर उठी और बोली, “जानू, ये मेरी पहली बार है, धीरे से डालना।” फिर पंकज ने अपना लंड पर धीरे से जोर लगाया (रेवती के जोश के कारण उसकी चूत दो बार झड़ चुकी थी, जिसके कारण उसकी चूत गीली हो चुकी थी) तो वो 2 इंच सरक से अंदर घुस गया मानो बिल में सांप झट से घुस जाए। रेवती के मुंह से सीत्कार निकली, लेकिन वो मुस्कुराई और बोली कि और करो।
फिर पंकज ने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। कुछ देर के बाद रेवती को मजा आने लगा। फिर समय देखकर पंकज ने रेवती को अपनी बाहों में भरकर एक जोर का झटका मारा कि उसका पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। रेवती की आंखों से खुशी के आंसू गिरने लगे और वो दर्द से मचल गई, लेकिन जल्दी ही सिसकारियां लेने लगी। वो मदहोश होकर कहने लगी, “पंकज डार्लिंग, चोदो मुझे… फक मी फास्टर… फाड़ दो मेरी चूत को… ओह कम ऑन… आह… ओह… उई… आजा आ गया…”
करीब 20 मिनट के बाद पंकज के लंड से पानी छूटा और वो रेवती के शरीर पर गिर के निढाल हो गया। तब तक रेवती 4 बार झड़ चुकी थी। फिर मैंने अपना 7.5 इंच लंबा लंड रेवती की चूत में डालने लगा। मैंने एक ही बार में एक ऐसा जोर का झटका मारा कि उसकी गीली चूत में मेरा लंड सांप की तरह उसकी चूत में आधा जा घुसा। वो एक पर एक प्रहार से सिहर उठी और वो मेरे सीने से चिपक गई। उसके ब्राउन कलर के छोटे निप्पल्स मेरी छाती में छू रहे थे। फिर मैंने एक जोरदार झटका मारा और वो चिहुंक कर रह गई। उसके मुंह से “ओह… मैं मर गई” निकला, लेकिन वो खुशी से चिल्लाई।
फिर मैं उसे गोद में उठाकर चोदना शुरू किया। वो रोने के साथ चुदाई से खुश होकर बोल जा रही थी, “ओह माय डार्लिंग… चोदो मुझे आज… मेरी बुर का भोसड़ा बना दो… ओह… उई… ओह… आह… मैं मर गई…” और ये कहते हुए वो एक बार फिर झड़ गई। फिर मैं उसे और जोर से चोदने लगा। करीब आधे घंटे की चुदाई के बाद मैं झड़ गया। तब तक वो फिर 4 बार झड़ चुकी थी।
फिर वो रोहन को तैयार देखकर गिड़गिड़ाने लगी, “प्लीज… आज नहीं, कभी और चोद लेना, आज मुझे छोड़ दो…” लेकिन रोहन को उस पर दया आ गई और उसने कहा, “तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसो और सारा मुठ पी जाओ, मैं तुम्हें नहीं चोदूंगा।” फिर उसने रोहन के कहे अनुसार उसके लंड को 20 मिनट तक चूसा। और उस दौरान रोहन के मुंह से “ओह… आह… रानी, तुम जबरदस्त रांड की तरह चूसती हो… आह…” निकल रहा था। और वो झड़ने वाला था तब उसने उसके बालों को पकड़कर उसे कसकर जकड़ लिया और उसके मुंह में झड़ गया। उसके बाद रेवती ने उसका पूरा मुठ चूसकर चाटकर उसके लंड को साफ किया और फिर हम चारों थोड़ी देर आराम किए। और फिर अपने कपड़े पहनकर वापस अपने-अपने घर चले गए।