Padosh wali bhabi

  पड़ोस वाली गोरी भाभी को चोदा


इस हिंदी सेक्स स्टोरी में पढ़िए कैसे 21 साल के कुंवारे अज्जू ने अपनी पड़ोस की सेक्सी सुमन भाभी को चोदा। गोरी चूचियां, रसीले होंठ और टाइट चूत वाली भाभी के साथ हॉट किसिंग, चूत चाटना और गांड मारने की पूरी डिटेल। रियल लाइफ बेस्ड इरोटिक कहानी जो आपको मुठ मारने पर मजबूर कर देगी।


नमस्ते दोस्तो! मैं अज्जू हूं… एक कुंवारा 21 साल का लड़का। मैं आपको अपनी लाइफ की कुछ रियल स्टोरी शेयर करना चाहता हूं। ये पहली कहानी पोस्ट कर रहा हूं। अगर आपको पसंद आएगी तो आगे और कहानियां भी हैं। मेरी आईडी ** है। रिप्लाई में…


ये कहानी करीब 3 साल पहले की है। मेरे पड़ोस में एक 24 साल की भाभी रहती थीं… सुमन भाभी। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे थे, लेकिन फिर भी क्या मस्त चिकनी माल थीं यार, कसम से। एकदम गोरी दूध जैसी… दुबली-पतली लेकिन चूचियां एकदम गोल-गोल टाइट और गांड भी ऐसी कि लौड़ा एकदम पागल कर दे। चेहरा भी एकदम सुंदर और ऊपर से रसीले होंठ, सुमन भाभी की स्माइल देखते ही लौड़ा खड़ा हो जाता था। उनका चेहरा हल्का सा विद्या बालान का लुक देता था। सुमन भाभी की नाक, होंठ काफी विद्या बालान जैसे थे।


मैं रोज उन्हें देखता था और उनके मस्त बदन को सोच-सोच कर मुठ मारता था। वो घर में साड़ी, सलवार सूट या गाउन पहनती थीं। मैं हमेशा ताक में रहता था कि वो झुकें और मैं उनके मस्त गोरे दूध देख सकूं। ऐसे मौके बहुत कम मिलते थे।


अक्सर जब मैं उनके घर जाता था तो उनकी आवाज, गोरे हाथ-पैर, साड़ी से दिखती उनकी नंगी गोरी कमर देख कर मेरा लौड़ा पागल हो जाता था। मन करता था साली सुमन भाभी को वही पटक कर चोद डालूं, लेकिन हिम्मत नहीं पड़ती थी।


सुमन भाभी काफी हंसी-मजाक करती थीं और अच्छे नेचर की थीं। इसी तरह दिन निकल रहे थे और सुमन भाभी के होंठ चूसने और चूत चाटने की मेरी तड़प बढ़ती जा रही थी। मैं दिन में 2-3 बार मुठ मारने लगा सुमन भाभी के नाम की। और कभी-कभी उनके बाथरूम में जाकर बहाने से उनकी यूज की हुई ब्रा और पैंटी लेकर भी मुठ मारता था।


फिर एक दिन भैया को कहीं बाहर जाना पड़ा और वो मुझे भाभी और बच्चों का ध्यान रखने को बोल कर गए। मैंने सोचा ये मौका नहीं छोड़ना चाहिए।


मैंने सुमन भाभी को चोदने का प्लान बनाया।


दिन में करीब 12.30 बजे मैं उनके घर गया, गर्मी के दिन थे। मैं कोल्ड ड्रिंक लेकर पहुंचा और सुमन भाभी को कहा कि आपके लिए कोल्ड ड्रिंक लाया हूं।


उस दिन सुमन भाभी और भी माल लग रही थीं। सुमन भाभी ने रेड साड़ी फ्लोरल प्रिंट्स वाली पहनी हुई थी और रेड ब्लाउज था। साड़ी हल्की सी ट्रांसपेरेंट सी थी और उनके पल्लू से उनके ब्लाउज के ऊपर से हल्का सा उनकी चूचियों का क्लिवेज दिख रहा था… हाय, मेरा तो उसी समय एक बूंद रस निकल गया लौड़े से। सुमन भाभी ने रेड लिपस्टिक लगाई हुई थी, नाक में गोल्ड की फूल वाली बड़ी नोज पिन थी, हाथों में गोल्ड की और रेड कांच की चूड़ियां थीं, पैरों में घुंघरू वाली सिल्वर पायल और पैरों में लाल रंग लगा था जो औरतें पूजा में लगाती हैं। सुमन भाभी ने रेड कलर की नेल पॉलिश भी लगाई हुई थी। मैंने सोचा आज तो सुमन भाभी को चोदा बिना मैं नहीं रह पाऊंगा।


मैं किचन में जाकर सुमन भाभी के लिए ग्लास में कोल्ड ड्रिंक निकाली और उनके ग्लास में 2 स्लीपिंग पिल्स भी डाल दी पाउडर करके।


लेकिन जैसे ही मैंने ड्रिंक दी, सुमन भाभी ने मुस्कुराकर कहा, “अज्जू, तुम कितने केयरिंग हो। लेकिन आज मुझे नींद नहीं आ रही, शायद गर्मी की वजह से।” हम बातें करते रहे और भाभी ने पूरी ड्रिंक पी ली। थोड़ी देर बाद सुमन भाभी बोलीं कि मुझे नींद आ रही है और मुझे बोलीं कि भैया आप यहां टीवी देखिए, मैं जा रही हूं सोने। मैंने कहा ठीक है भाभी और सोच कर मेरा लौड़ा और उछाल मारने लगा कि आज मेरे सपनों की रानी की चूत, होंठ, गांड सब कुछ आज नंगा देखूंगा और जो चाहे करूंगा सुमन भाभी के साथ।


मैंने अपने लौड़े को हाथ से दबाया उसे काबू करने के लिए।


करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद मैं सुमन भाभी के बगल वाले बेडरूम में पहुंचा। वहां का सीन देख कर तो मैं और पागल हो गया। सुमन भाभी करवट लेकर साइड में सो रही थीं और उनका पल्लू हटा हुआ था उनकी चूचियों से और उनकी दूधिया चूची काफी डीप तक ब्लाउज के ऊपर से दिख रही थी और साड़ी घुटनों तक उठी हुई थी और एक टांग सीधी और एक मुड़ी हुई थी जिससे उनकी गांड पीछे की तरफ उभरी हुई थी। मैंने कन्फर्म करने के लिए पुकारा सुमन भाभी, जब कोई रिएक्शन नहीं देखा तो फिर पास जाकर उनको हाथ पर चिकोटी काटी। फिर भी कोई रिएक्शन नहीं हुआ तो मैं बहुत खुश हो गया।


लेकिन जैसे ही मैं पास गया, सुमन भाभी की आंखें हल्की सी खुलीं और वो मुस्कुराईं। “अज्जू, मैं सोई नहीं हूं… मैंने देखा तुम क्या कर रहे थे। लेकिन मुझे अच्छा लगा। मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं, लेकिन कभी कह नहीं पाई। आज भैया नहीं हैं, तो चलो मजा करते हैं।” उनकी ये बात सुनकर मेरा दिल धड़क उठा, लेकिन सेक्सी खुशी से। वो उठीं और मुझे अपनी तरफ खींच लिया, जैसे वो भी यही चाहती थीं।


मैंने कमरे की लाइट जला दी क्योंकि मैं सुमन भाभी का गोरा नंगा जिस्म अच्छी तरह से देखना चाहता था। उसके बाद मैंने अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दिया… मेरा लौड़ा एकदम टाइट हो चुका था और फनफना रहा था।


मैं सुमन भाभी के बगल बेड पर बैठ गया और एक हाथ में लंड को हिला रहा था और दूसरे हाथ से उनकी गांड और नंगी कमर को सहलाने लगा। उफ्फ्फ…


फिर मैंने सुमन भाभी को सीधा किया और उनकी चूचियों को देख कर पागल हो गया कसम से। सुमन भाभी के होंठ चूसने के लिए मैं कब से तड़प रहा था और आज सुमन भाभी मेरी माल मेरे सामने पड़ी थीं।


मैंने झुक कर धीमे से सुमन भाभी के होंठों को किस किया… कसम से उस समय ऐसा लगा कि नशा हो गया है। एकदम सिर घूम गया सुमन भाभी के रसीले होंठों को छू कर… और मुझसे रहा नहीं गया और सुमन भाभी के चेहरे को अपने हाथों में लेकर उनके होंठ चूसने लगा अपने होंठों में लेकर। कभी ऊपर वाला होंठ मुंह लेता कभी नीचे वाला… सुमन भाभी के बाल खुले हुए उनके चेहरे पर आ रहे थे जिससे वो और मस्त लग रही थीं और मैं उनके चेहरे को देखते हुए उनके रेड लिपस्टिक लगे होंठों को चूस रहा था। सुमन भाभी की सांस धीरे-धीरे चल रही और उनकी जिस्म की महक और गर्माहट मुझे और पागल कर रही थी। वो भी मेरे होंठों को चूम रही थीं, जैसे वो भी इस पल का इंतजार कर रही थीं।


मैं सुमन भाभी के पैरों के बीच में उनके ऊपर लेटा हुआ था और उनके होंठों को चूस रहा था और चूचियां दबा रहा था। अब मेरे मन बेचैन हो गया उनकी नंगी चूचियों को देखने के लिए। मैंने धीरे-धीरे उनके ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोल डाले… हाय क्या मस्त लग रही साली सुमन भाभी गोरी-गोरी टाइट गोल-गोल चूचियां एकदम दूधिया ब्लैक ब्रा में… करीब 60% चूचियां बाहर निकल रही थीं ब्रा के ऊपर से… मैं ब्रा को खोले बिना ही जितनी चूची ऊपर निकली थी उसको ही चूमने लगा… आह नीचे मेरा खड़ा लौड़ा सुमन भाभी की चूत पर रगड़ रहा था साड़ी के ऊपर से… फिर मैंने सुमन भाभी की ब्रा बिना खोले ऊपर खिसका दी और मम्म क्या मस्त नजारा था। गोरी-गोरी चूचियों पर डार्क ब्राउन बड़े-बड़े निप्पल्स खड़े हुए टाइट और लाइट ब्राउन कलर के एरिओला… उफ्फ्फ मैं निप्पल्स चूसने लगा और दूसरी चूची हाथ से कस कर दबा रहा था। सुमन भाभी सिसकारियां भर रही थीं, “अज्जू, और जोर से… मुझे अच्छा लग रहा है।”



अब मेरा हाल एकदम बुरा हो गया था… हवस का नशा चढ़ चुका था… मैं उठ कर सुमन भाभी के चूचियों के पास बैठ गया और दोनों हाथ में उनकी चूचियां लेकर अपना लौड़ा उनकी चूचियों के बीच रगड़ने लगा। बीच-बीच में मेरा लौड़ा रगड़ते हुए उनके रसीले होंठ से छू जाता था और एकदम करंट सा लग जाता था पूरे शरीर में। थोड़ी देर बाद मैंने अपना लौड़ा उनके होंठ पर रख दिया और उनके सिर के नीचे एक तकिया रख दिया जिससे उनका सिर ऊपर की ओर उठ जाए और फिर अपने लौड़े का टोपा उनके होंठों के बीच जबरदस्ती घुसा दिया। सुमन भाभी का मुंह बंद था बस हल्का सा सुपाड़ा उनके होंठों के बीच था… मैंने उनके गाल पकड़ कर मुंह खोला और सुमन भाभी के रसीले होंठों के बीच अपना आधा से ज्यादा लौड़ा घुसा दिया… हाय गर्माहट और गीलाパン था उनके मुंह में ऐसा लग रहा था मुंह में नहीं उनकी चूत में लौड़ा जा रहा है। मैं धीरे-धीरे उनके सुंदर चेहरे को देखे हुए अपना लौड़ा सुमन भाभी के मुंह में अंदर-बाहर करने लगा… बड़ा मजा आ रहा था क्योंकि सुमन भाभी भी अब चूस रही थीं, जैसे वो इसे एंजॉय कर रही थीं… करीब 15 मिनट तक मैं ऐसा करता रहा जब लगा कि मुंह में झड़ने वाला हूं तो लौड़ा बाहर निकाल लिया।


फिर मैंने सुमन भाभी की साड़ी ऊपर खिसकाई और उनकी गोरी-गोरी थाइज को चूमता हुआ उनकी चूत तक पहुंच गया। धीरे से उनकी पैंटी को नीचे खिसका दिया घुटनों तक… मम्म उनकी चूत देख कर मुझे लगा मैं बेहोश हो जाऊंगा… सुमन भाभी की चूत मेरे सपने से भी ज्यादा खूबसूरत थी… एकदम गोरी फूली हुई चूत के होंठ और एक भी बाल नहीं था चूत पर एकदम चिकनी… 2 बच्चों के बाद भी सुमन भाभी के चूत का छेद छोटा ही था और गुलाबी छेद था… मैं चूत के होंठ मुंह में लेकर चूसने लगा और दोनों हाथ ऊपर करके चूचियां दबाने लगा… सुमन भाभी के चूत से रस निकलने लगा नमकीन रस। बस यही सही मौका देख कर मैं सुमन भाभी के ऊपर पूरा लेट गया और हाथ से अपना लौड़ा सुमन भाभी की चूत पर टिका दिया और सुमन भाभी को हाथों से कंधे पर जोर से जकड़ कर जोर का झटका मारा और आह सुमन भाभी की टाइट चूत को फाड़ता हुआ मेरा मोटा लौड़ा सुमन भाभी की टाइट चूत में घुस गया।


मैं सुमन भाभी के चेहरे को हाथ में लेकर उनके होंठ चूसने चूमने लगा। मुझे आज अपनी किस्मत पर भरोसा ही नहीं हो रहा था कि मेरे सपनों की रानी सुमन भाभी की चूत में आज मेरा लौड़ा घुसा हुआ है। मैंने उन्हें करीब आधे घंटे तक खूब जोर-जोर से चोदा… और फिर मैं जब झड़ने वाला था तो मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और झड़ गया। थोड़ी देर में भाभी को देखता रहा और फिर जब मैंने उनकी गांड देखी एकदम सुंदर लग रही थी और मेरा लौड़ा फिर से खड़ा हो गया। मैंने भाभी के मुंह में फिर से अपना लौड़ा डाला और उनके मुंह को चोदने लगा… लगभग 10 मिनट के बाद मैंने उन्हें उल्टा किया जिससे उनकी गांड मेरे सामने हो गई। मैंने उनकी गांड पर थोड़ा थूक लगाया और अपने लंड की टोपी उनकी गांड पर रख कर एक झटका दिया… मेरी टोपी उनकी गांड में घुस गई। भाभी थोड़ी हिली लेकिन वो भी मजा ले रही थीं, “अज्जू, धीरे… लेकिन जारी रखो।” इसलिए मैं निश्चिंत था। मैंने एक और जोर का झटका मारा तो मेरा पूरा का पूरा लंड उनकी गांड में घुस गया। मुझे ऐसा लगा कि मैं जन्नत में हूं… कसम से यार मजा आ गया था। फिर मैंने 45 मिनट उनकी गांड मारी और उनकी गांड में ही झड़ गया… मैं उठा और कपड़े से उनकी गांड को साफ किया…


फिर रात में करीब 4 बार उनकी गांड और चूत की चुदाई की… हर बार वो भी साथ दे रही थीं, जैसे ये हम दोनों का शेयर्ड सीक्रेट हो।

तो कैसी लगी मेरी कहानी… उम्मीद है आप लोगों को पसंद आई होगी…

अगर कोई लखनऊ या सुल्तानपुर की लड़की या भाभी मुझसे चुदना चाहे तो मैं तैयार हूं… मुझे मेल करिए ** पर…

सब कुछ सीक्रेट रहेगा ये मेरा प्रॉमिस है…

ऐसा मजा दूंगा कि याद रखेंगी और बार-बार मुझसे ही चुदवाएंगी…

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